बृज खंडेलवाल

बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकार हैं।

मुगल बादशाह जहांगीर ने चांदी की कटोरी में रखी ठंडी खीर का एक चम्मच उठाया। फिर गरमागरम गुलाब जामुन का छोटा-सा टुकड़ा उसमें डुबोया। एक कौर लिया और मुस्कुरा उठे। कहते हैं, शाही रसोइयों की यही सबसे बड़ी दाद थी।

Read More

बूंदों की ठिठोली, कजरारे बादलों की अंगड़ाई और मिट्टी से उठती सौंधी ख़ुशबू… जैसे ही सावन के महीने का तीज त्यौहार आता है, बृज की फिज़ाओं में इश्क़, उमंग और उत्सव की सरगम गूंज उठती है।

Read More

आगरा से लेकर कोलकाता, चेन्नई से लेकर मुंबई, अहमदाबाद, भारत का सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड बन चुका है गोल गप्पा, पानी पूरी, पानी की टिकिया!

Read More

आगरा, मथुरा और हाथरस का यह पवित्र त्रिकोण कृष्ण प्रेम की मीठी धुन पर थिरकता है। यमुना की लहरों और ब्रज की धूल में दूध, घी और खोए की महक आज भी घुली हुई है...

Read More

बरसों से हम सुन रहे हैं कि भारत की राष्ट्रीय सब्ज़ी कद्दू है। लेकिन, यह एक भ्रम है। कद्दू सिर्फ़ अफ़वाह के भरोसे गद्दी पर बैठा हुआ है। ज़मीनी हक़ीक़त देखें। कौन है जो सचमुच भारतीय रसोई को रोज़ाना सहारा देता है? कौन है जो बंगाल के आलू–पोस्तो से लेकर पंजाब के आलू–परांठे तक, बनारस की टिक्की से लेकर मुंबई के वड़ा पाव तक, हर थाली को जोड़ता है? जवाब साफ़ है... आलू।

Read More

आगरा के शाही खानसामों ने ईजाद की थी मुगलई बिरयानी जो ड्राई फ्रूट और गोश्त के टुकड़ों से महकती थी। मुगल छावनियों में बड़े-बड़े देगचों या पतीलों में धीमी आंच में रातभर पकती रहती थी।

Read More