ब्लूबेरी और जामुन अक्सर एक जैसे दिखते हैं, लेकिन असल में ये दो बिल्कुल अलग-अलग फल हैं। ब्लूबेरी उत्तरी अमेरिका की देन हैं। जो कि छोटे, गोल और हल्की खटास के साथ मीठापन लिए होते हैं। इन्हें ‘सुपरफूड’ कहा जाता है क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स, खासकर एंथोसाइनिन्स, भरपूर होते हैं, जो दिमाग़ की सेहत, दिल की सुरक्षा और इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
जबकि, जामुन भारत का पारंपरिक फल है। यह अंडाकार आकार का होता है। यह गहरे बैंगनी‑काले रंग का होता है और इसका स्वाद मीठा‑खट्टा‑कसैला होता है। अंग्रेजी में पढ़ें : Blueberry vs Jamun: A tale of two purple fruits…
आयुर्वेद में सदियों से जामुन को मधुमेह नियंत्रण के लिए अहम माना गया है। पोषण की दृष्टि से इसमें विटामिन सी और आयरन अधिक होते हैं, जबकि ब्लूबेरी में फाइबर और विटामिन के ज़्यादा पाया जाता है।
अगर तुलना करें तो ब्लूबेरी एक ग्लोबल वेलनेस फल है। यह सालभर उपलब्ध रहता है और अपेक्षाकृत भारत में महंगा मिलता है। जबकि, जामुन मौसमी, सस्ता और स्थानीय स्तर पर आसानी से मिलने वाला फल है। दोनों ही फल सेहत के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन उनकी भूमिका अलग है। ब्लूबेरी आधुनिक स्वास्थ्य‑जागरूक जीवनशैली का हिस्सा है, तो जामुन भारतीय परंपरा में रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन शक्ति को बढ़ाने वाला फल माना जाता है।
कुल मिलाकर, दोनों ही फल बैंगनी रंग के हैं और स्वाद व स्वास्थ्य के नजरिये से बेहद महत्वपूर्ण हैं। अपनी जीवनशैली में इन दोनों ही फलों को शामिल करने से शरीर की कई समस्याओं को अपने से दूर रखा जा सकता है।

धर्मेंद्र कुमार

Related Items
बड़े काम का है अनोखा ‘सुपरफूड’ लतारू...!
ऐसे बनाएं स्वाद और सेहत भरे ग्वार पाठा के लड्डू
एक बार खाकर देखें यह हल्की सी मीठी मेथी मलाई